प्रधानमंत्री आवास योजना से जिले में बदल रही लोगों की जिंदगी,बुढ़ी आँखों का सपना हुआ साकार: राम बाई की कहानी

मुख्यमंत्री विष्णु देव के सुशासन में जिले में हजारों परिवारों को मिला पक्का मकान

रायपुर (वनांचल न्यूज़)। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाली सुशासन में प्रधानमंत्री आवास योजना से राज्य सहित रायपुर जिले में हजारों लोगों की जिंदगी बदली रही है। पक्की छत के नीचे लाखों लोग सुकून से रह रहे हैं।पहले जहां कच्चे मकान की टूटी-फूटी दीवारें और छत उनके परिवार की मुश्किलों की गवाह थीं। बरसात के मौसम में तो हालत और भी विकट हो जाती थी। घर के भीतर पानी भर जाना, सामान भीग जाता और रातें जागते हुए काटनी पड़ती थीं, आज वें पक्के छत के नीचे आराम से जीवनयापन कर रहे हैं।ऐसे ही सपना 62 वर्षीय श्रीमती राम बाई निषाद की आँखों में था, जो अब सच हो गया है। ग्राम पंचायत बेमता, तिल्दा की रहने वाली सुश्री राम बाई ने जिंदगी के कई उतार-चढ़ाव देखे हैं। पति के गुजर जाने के बाद, एक कच्चे घर में बेटे के साथ गुजर-बसर करना उनकी मजबूरी बन गई थी। टपकती छत, मिट्टी की दीवारें और हर मौसम में असुरक्षा का एहसास यही उनकी रोजमर्रा की सच्चाई थी।राम बाई कहती हैं, “बरसात में छत टपकती थी तो पूरी रात जागकर निकालनी पड़ती थी। सोचती थी, क्या कभी अपना पक्का घर देख पाऊंगी?” समय के साथ उनकी उम्मीदें भी जैसे धुंधली पड़ने लगी थीं। लेकिन फिर एक दिन ग्राम पंचायत से खबर आई प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत उनका नाम स्वीकृत हो गया है।”मुझे तो यकीन ही नहीं हुआ। लगा जैसे भगवान ने मेरी सुन ली,” वे भावुक होकर बताती हैं। जरूरी दस्तावेज जमा करने के बाद कुछ ही दिनों में आवास की पहली किस्त उनके खाते में आ गई। उन्होंने एक कमरा और एक छोटा सा रसोईघर बनवाया। सीमित संसाधनों में बना यह घर उनके लिए किसी महल से कम नहीं था। जब घर बनकर तैयार हुआ और राम बाई ने पहली बार उसकी चौखट पर कदम रखा, तो उनकी आँखों से आंसू अपने आप बह निकले। राम बाई कहती है “अब डर नहीं लगता। ये घर मेरा है… मेरा अपना” आज राम बाई अपने पक्के घर में सुकून से रह रही हैं। उनकी बूढ़ी आँखों में अब नमी है, लेकिन ये आंसू तकलीफ के नहीं, खुशी और संतोष के हैं। वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहती हैं, “इस उम्र में मुझे जो सहारा मिला है, उसके लिए मैं दिल से धन्यवाद देती हूँ। अब मेरा जीवन सुरक्षित है।”

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