रायपुर (वनांचल न्यूज)। छत्तीसगढ़ में राजस्व विभाग के कामकाज को बेहतर बनाने और अधिकारियों की लंबित समस्याओं के निराकरण की मांग को लेकर छत्तीसगढ़ कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ (CGJASA) ने प्रदेशव्यापी पहल शुरू की है। राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर संघ ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, विधानसभा अध्यक्ष और प्रदेश के सभी मंत्रियों को ज्ञापन सौंपकर 12 सूत्रीय मांगों पर सरकार का ध्यान आकर्षित किया है।

संघ के प्रदेश अध्यक्ष पेखन टोंड्रे एवं महासचिव संजय कुमार राठौर ने कहा कि तहसीलदार और नायब तहसीलदार राजस्व प्रशासन की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। सीमित संसाधनों और कर्मचारियों की कमी के बावजूद इन अधिकारियों को राजस्व प्रकरणों के निराकरण के साथ चुनाव, कानून-व्यवस्था, आपदा प्रबंधन और भूमि संबंधी जिम्मेदारियां निभानी पड़ती हैं। वहीं डिजिटल फसल सर्वेक्षण, एग्रीस्टैक और ऑनलाइन राजस्व सेवाओं के विस्तार से कार्यभार लगातार बढ़ रहा है।
00 ग्रेड-पे में वृद्धि और आवासीय सुविधा की मांग
संघ ने नायब तहसीलदारों का ग्रेड-पे 4200 से बढ़ाकर 4400 और तहसीलदारों का ग्रेड-पे 4300 से बढ़ाकर 4800 करने की मांग की है। इसके अलावा राजस्व अधिकारियों को आईएएस अधिकारियों की तर्ज पर राजधानी में रियायती दर पर 3000 वर्गफीट का आवासीय भूखंड उपलब्ध कराने तथा राजस्व कॉलोनी विकसित करने का प्रस्ताव रखा है।
संघ ने नवा रायपुर अटल नगर में राजस्व सदन के निर्माण के लिए एक एकड़ जमीन आवंटित करने की मांग भी उठाई है। इसमें प्रशिक्षण और संगठनात्मक गतिविधियों के संचालन की व्यवस्था करने का प्रस्ताव है।
00 हर साल मनाया जाए राजस्व दिवस
ज्ञापन में प्रत्येक वर्ष 1 अक्टूबर को शासकीय स्तर पर राजस्व दिवस मनाने और उत्कृष्ट कार्य करने वाले राजस्व अधिकारियों को सम्मानित करने की मांग शामिल है। इसके साथ ही राजस्व न्यायालयों में कार्यरत अधिकारियों को न्यायाधीश संरक्षण अधिनियम 1985 के तहत सुरक्षा देने की मांग की गई है।
संघ ने प्रदेश की सभी तहसीलों में रिक्त पदों पर शत-प्रतिशत भर्ती, प्रत्येक तहसील कार्यालय को शासकीय वाहन और चालक उपलब्ध कराने तथा कार्यालयों में कोर्ट रूम, रिकॉर्ड रूम, कंप्यूटर, इंटरनेट और पर्याप्त बजट की व्यवस्था करने पर भी जोर दिया है।
00 पदोन्नति और सेवा शर्तों में सुधार की मांग
संघ की अन्य मांगों में लोक सेवा गारंटी अधिनियम के प्रावधानों में शिथिलीकरण, राजस्व न्यायालयों की स्वतंत्रता सुनिश्चित करना, नायब तहसीलदारों की परिवीक्षा अवधि समय पर समाप्त करना और डिप्टी कलेक्टर पद पर नियमित पदोन्नति शामिल हैं।
संघ ने इन सभी मांगों के निराकरण के लिए राजस्व, वित्त और सामान्य प्रशासन विभाग की संयुक्त बैठक बुलाने का आग्रह किया है। इसके साथ ही प्रदेश के तहसीलदारों का भव्य प्रांतीय सम्मेलन आयोजित करने का प्रस्ताव रखते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित करने की इच्छा जताई है।
अब देखना होगा कि राजस्व अधिकारियों की इन 12 सूत्रीय मांगों पर राज्य सरकार कब तक निर्णय लेती है।
