महिला सशक्तिकरण की मिसाल: पिंक ई-रिक्शा से आत्मनिर्भर बन रहीं महिलाएं

रायपुर (वनांचल न्यूज़)। नवा रायपुर की सड़कों पर आज महिला सशक्तिकरण की एक प्रेरक तस्वीर देखने को मिली, जब कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह और जिला पंचायत सीईओ कुमार बिश्वरंजन ने पिंक ई-रिक्शा की सवारी कर महिला चालक का उत्साहवर्धन किया।कलेक्टर डॉ. सिंह आरंग ब्लॉक के दौरे पर थे, तभी उन्होंने सड़क पर चल रहे पिंक ई-रिक्शा को रुकवाकर उसमें सवारी करने की इच्छा जताई। महिला चालक श्रीमती सीतू कोसले (कोटरभाठा, आरंग) ने सहर्ष उन्हें और सीईओ को रिक्शा में बैठाया। ग्राम रीको से अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम होते हुए परसदा तक लगभग 12 किलोमीटर की यात्रा की गई। इसी दौरान अधिकारियों ने वीबीजी रामजी के कार्यों एवं ग्राम पंचायत परसदा का निरीक्षण भी किया।यात्रा के दौरान कलेक्टर ने श्रीमती सीतू कोसले से संवाद कर उनकी आय और कार्यप्रणाली की जानकारी ली। उन्होंने बताया कि ई-रिक्शा संचालन से उन्हें प्रतिमाह 20 हजार रुपये से अधिक की आय हो रही है। उन्होंने कहा, “परिवार भी खुश है और मैं आत्मनिर्भर होकर संतुष्ट हूं। अपनी आय से स्वास्थ्य पर खर्च कर रही हूं और परिवार में सहयोग भी कर पा रही हूं।परसदा पहुंचने पर दोनों वरिष्ठ अधिकारियों ने किराया पूछकर यूपीआई के माध्यम से ऑनलाइन भुगतान किया, जिससे डिजिटल लेन-देन को भी प्रोत्साहन मिला।गौरतलब है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में ‘बिहान’ योजना एवं एनआरडीए के तहत अभनपुर और आरंग ब्लॉक की 40 महिलाओं को 40 इलेक्ट्रिक ऑटो निःशुल्क प्रदान किए गए हैं। यह पहल नवा रायपुर में यातायात को सुगम बनाने के साथ-साथ ग्रामीण महिलाओं को सम्मानजनक रोजगार एवं आत्मनिर्भरता का अवसर प्रदान कर रही है।इन पिंक ई-रिक्शाओं का ऑनलाइन बुकिंग प्लेटफॉर्म ‘रेपिडो’ से टाई-अप किया गया है, जिससे यात्री मोबाइल ऐप के माध्यम से आसानी से सेवा प्राप्त कर रहे हैं। किफायती दरों और पूर्णतः इलेक्ट्रिक संचालन के कारण यह पहल पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रही है।महिला सशक्तिकरण, हरित परिवहन और डिजिटल कनेक्टिविटी के समन्वय से यह पहल नवा रायपुर में विकास की नई दिशा तय कर रही है।

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