00 इस एआई बैनर के लिए कौन है जिम्मेदार?
रायपुर (वनांचल न्यूज़) । छत्तीसगढ़ में 1 जुलाई से विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन ग्रामीण यानी वीबी-जीरामजी की शुरुआत हो गई है। भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय एवं जिला पंचायत के माध्यम से इसके तहत विभिन्न निर्माण कार्य करवाए जाएंगे। जनपद पंचायत धरसींवा के ग्राम पंचायत बरौदा में योजना का भव्य शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह पहुंचे। उन्होंने पौधारोपण किया और महिलाओं से चर्चा भी की।
लेकिन शुभारंभ कार्यक्रम में लगे एक पोस्टर ने शासकीय प्रोटोकॉल की अवहेलना कर दी। पोस्टर में मुख्यमंत्री की फोटो और पूरा कंटेंट आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के माध्यम से बनाया गया था। इसमें देश के प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री के नाम के पहले ‘श्री’ का संबोधन नहीं लगाया गया, जो छत्तीसगढ़ शासन के प्रोटोकॉल के विपरीत है।

इस शुभारंभ कार्यक्रम में जिला पंचायत सदस्य श्रीमती सविता चंद्राकर, जिला पंचायत सीईओ कुमार बिश्वरंजन, एसडीएम नंदकुमार चौबे सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
वीबी-जीरामजी मिशन का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आजीविका के नए अवसर उपलब्ध कराना है। लेकिन शुभारंभ के पहले ही कार्यक्रम में प्रोटोकॉल की अनदेखी और एआई से बने पोस्टर को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।
