शासकीय कर्मचारियों को विशेष अवकाश से बढ़ेगी कार्यदक्षता, स्कूलों में आनापान ध्यान लागू करने का आग्रह
रायपुर (वनांचल न्यूज़)। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा शासकीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों को विपश्यना ध्यान शिविरों में भाग लेने हेतु विशेष सवैतनिक अवकाश प्रदान किए जाने के निर्णय का विभिन्न संगठनों द्वारा स्वागत किया जा रहा है। इसी क्रम में छत्तीसगढ़ विपश्यना ट्रस्ट ने राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया है।ट्रस्ट के आचार्यों एवं पदाधिकारियों के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से भेंट कर उन्हें शासकीय कर्मचारियों को विपश्यना ध्यान की ओर प्रेरित करने के इस निर्णय के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया।प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि विपश्यना ध्यान तनाव प्रबंधन के साथ-साथ नैतिक मूल्यों एवं सकारात्मक गुणों के विकास का प्रभावी माध्यम है। ट्रस्ट के अनुरोध पर राज्य सरकार ने कर्मचारियों को तनाव मुक्ति, कार्यक्षमता में वृद्धि तथा व्यक्तित्व विकास के उद्देश्य से 12 दिनों का सवैतनिक अवकाश प्रदान किया है, जिसका लाभ कर्मचारी अपने सेवा काल में अधिकतम 6 बार ले सकते हैं।प्रतिनिधिमंडल में केन्द्र आचार्य सीताराम साहू, सहायक आचार्य सत्यजीत ठाकुर, जी.आर. प्रजापति, ट्रस्टी ओमप्रकाश सिंघानिया, सचिव पुरुषोत्तम लाल डागा, अक्षय शर्मा एवं अरुण अग्रवाल सहित अन्य सदस्य शामिल थे।इस दौरान प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि महाराष्ट्र में पिछले 15 वर्षों से स्कूलों में प्रतिदिन 10 मिनट का आनापान ध्यान कराया जा रहा है, जिससे लगभग 2.5 करोड़ विद्यार्थी एवं 6 लाख शिक्षक लाभान्वित हो रहे हैं।प्रतिनिधिमंडल ने छत्तीसगढ़ के विद्यालयों में भी विद्यार्थियों के लिए प्रतिदिन 10 मिनट का आनापान ध्यान प्रारंभ करने तथा प्रत्येक विद्यालय से कम से कम एक शिक्षक को 10 दिवसीय विपश्यना प्रशिक्षण देने का आग्रह किया।उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में बच्चों में बढ़ते मानसिक तनाव और प्रतिक्रियात्मक व्यवहार को नियंत्रित करने में आनापान ध्यान अत्यंत प्रभावी सिद्ध हो सकता है। असम, दिल्ली और गुजरात के विद्यालयों में भी इस प्रकार के अभ्यास से सकारात्मक परिणाम प्राप्त हो रहे हैं।यह पहल न केवल शासकीय कर्मचारियों की कार्यक्षमता बढ़ाने में सहायक सिद्ध होगी, बल्कि विद्यार्थियों के मानसिक एवं नैतिक विकास की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।
