नई दिल्ली (डेस्क)। केंद्र सरकार ने पासपोर्ट नियमों में बड़ा बदलाव किया है। विदेश मंत्रालय द्वारा पासपोर्ट संशोधन नियम-2026 को 17 सितंबर को सरकारी राजपत्र में प्रकाशित किया गया है। नोटिफिकेशन जारी होते ही ये नए नियम लागू हो गए हैं। इसके तहत बच्चों के पासपोर्ट की वैधता और आवेदन शुल्क में संशोधन किया गया है।

नए नियमों के अनुसार अब 15 साल से कम उम्र के बच्चों को जारी 36 पेज वाला सामान्य पासपोर्ट जारी होने की तारीख से 5 साल तक वैध रहेगा। वहीं यदि बच्चा 5 साल की अवधि पूरी होने से पहले 18 साल का हो जाता है तो पासपोर्ट की वैधता उसी समय समाप्त हो जाएगी। यानी 5 साल या 18 साल की उम्र, इनमें से जो पहले आएगा वही पासपोर्ट की अंतिम वैधता होगी। यदि किसी बच्चे का पासपोर्ट 14 साल की उम्र में बनता है तो वह 5 साल के लिए जारी होने के बावजूद 18 साल का होते ही समाप्त हो जाएगा। संशोधित नियम 12(1ए) में बच्चों के पासपोर्ट की वैधता को लेकर नया प्रावधान जोड़ा गया है, साथ ही नियम 8 में पासपोर्ट आवेदन शुल्क का प्रावधान भी बदला गया है।
00 फीस में वृद्धि
विदेश मंत्रालय ने पासपोर्ट से जुड़ी विभिन्न सेवाओं की फीस में भी बढ़ोतरी की है। 36 पन्नों वाले सामान्य पासपोर्ट की फीस 1,500 रुपये से बढ़ाकर 2,500 रुपये कर दी गई है। तत्काल सेवा में यही पासपोर्ट बनवाने पर फीस 3,500 रुपये से बढ़कर 5,000 रुपये होगी।
60 पन्नों वाले सामान्य पासपोर्ट की फीस 2,000 रुपये से बढ़ाकर 3,500 रुपये तथा तत्काल फीस 4,000 रुपये से बढ़ाकर 6,000 रुपये कर दी गई है। 60 पन्नों वाला पासपोर्ट खो जाने या खराब होने पर तत्काल नया पासपोर्ट बनवाने के लिए अब 8,500 रुपये देने होंगे।
18 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए 36 पन्नों वाले सामान्य पासपोर्ट की फीस 1,000 रुपये से बढ़ाकर 1,750 रुपये की गई है, जबकि तत्काल सेवा में इसके लिए 3,000 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है।
