रायपुर (वनांचल न्यूज़)। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद द्वारा संगठन के शिल्पकार प्रो. यशवंतराव केलकर की जन्मशताब्दी वर्ष के अवसर पर “प्रिय केलकर जी” कार्यक्रम का आयोजन पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय प्रेक्षागृह में किया गया।कार्यक्रम में अभाविप के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. वीरेंद्र सिंह सोलंकी एवं पूर्व प्रदेश संगठन मंत्री हरीश लूनिया विशेष रूप से उपस्थित रहे। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के विभिन्न क्षेत्रों से आए पूर्व एवं वर्तमान कार्यकर्ताओं, जनप्रतिनिधियों एवं संघ परिवार के सदस्यों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही।
मुख्य अतिथि हरीश लूनिया ने अपने उद्बोधन में कहा कि प्रो. केलकर जी केवल राष्ट्र निर्माण ही नहीं, बल्कि कार्यकर्ता निर्माण के भी सजग शिल्पकार थे। उन्होंने कहा कि उनकी कार्यशैली एवं पद्धति ने विद्यार्थी परिषद को विविध आयामों में कार्य करने की दिशा प्रदान की। उन्होंने केलकर जी को एक “चलती-फिरती पाठशाला” बताते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन में तैयार कार्यकर्ता आज समाज एवं राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
अभाविप के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. वीरेंद्र सिंह सोलंकी ने कहा कि “विद्यार्थी आज का नागरिक है” का विचार आज भी संगठन के कार्यकर्ताओं को प्रेरित करता है।

उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए समाज में समरसता एवं संगठनात्मक मूल्यों को सुदृढ़ करें।
कार्यक्रम में बताया गया कि अभाविप द्वारा वर्ष 1990 से “यशवंतराव केलकर पुरस्कार” प्रदान किया जा रहा है, जिसके माध्यम से समाज में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों को सम्मानित किया जाता है।

इस अवसर पर क्षेत्रीय संगठन मंत्री चेतस सुखड़िया, प्रांत अध्यक्ष डॉ. विकास पांडे, प्रांत मंत्री अनंत सोनी, महानगर मंत्री सुजल गुप्ता, राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य यज्ञदत्त वर्मा सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एवं पूर्व कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने प्रो. यशवंतराव केलकर के विचारों को आत्मसात कर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने का संकल्प लिया।
