00 विवादित जमीन को अरपा उद्गम घोषित कराने जमीन दलाल सक्रिय,पूर्व भूपेश सरकार ने की थी घोषणा

00 असली उद्गम को मिले संरक्षण संवर्धन का अधिकार
00 जनहित में जांच के बाद उचित कार्यवाही ज़रूरी
00 अरपा उद्गम स्थल संरक्षण हेतु जारी राशि पर तत्काल रोक लगायी जाये
गौरेला (वनांचल न्यूज़)। छत्तीसगढ़ सरकार के वित्त मंत्री ओपी चौधरी द्वारा अरपा उद्गम संरक्षण के लिए 12.53 लाख रुपए की राशि का प्रावधान किए जाने के बाद अरपा उद्म के वास्तविक स्थान को लेकर फिर विवाद छिड़ गया है अरपा उदम समिति खोडरी के सदस्यों ने वित्त मंत्री ओपी चौधरी को कलेक्टर जिला गौरेला पेंड़ा मरवाही के माध्यम से ज्ञापन दिया और मांग की जब तक यह मामला माननीय उच्च्च न्यायालय के समक्ष विचाराधीन है और अरपा के उद्म के वास्तविक स्थल का निर्णय न्यायालय द्वारा ना हो जाए तब तक शासन के द्वारा किसी भी प्रकार की राशि जारी न की जाए और वित्त मंत्री द्वारा जो पूर्व में राशि प्रावधान की घोषणा की गई है उस पर भी तत्काल रोक लगाई जाए समिति के सदस्यों द्वारा सौंपे गए ज्ञापनमें कहा गया है कि अरपा नदी का उद्म खोडरी है जिसका प्रमाण वर्ष 2010 के शासकीय गजेटियर में स्पष्ट उल्लेखित है, किंतु कुछ लोगों द्वारा अरपा उदगम पेण्डा बतलाकर शासन प्रशासन को गुमराह किया जा रहा है। अरपा नदी के खोडरी से उदगम को लेकर अनेक लेखकों द्वारा लेख एवं शोध प्रकाशित किये गये हैं इतना ही नहीं पूर्व में म.प्र. पाठ्यपुस्तक निगम की हिन्दी पुस्तक में भी अरपा नदी संबंधी कविता में इसका उदगम खोडरी में ही बताया गया था। विगत वर्षों से कुछ लोगों जिसमे द्वारा पेण्ड्रा के किसी के खेत को अरपा उदगम का बोर्ड लगवाकर अरपा उदगम घोषित कर दिया गया जबकि इस खेत के भूमि स्वामों द्वारा न्यायालय में वाद भी दायर किया है, मालूम हो कि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा बिना वास्तविक एवं तथ्यात्मक जानकारी लिये सार्वजनिक मंच से पेण्ड्रा को अरपा का उदगम बतला दिया गया और स्थानीय प्रशासन द्वारा प्रतिवर्ष अरपा महोत्सव का आयोजन भी पेण्ड्रा में किया जा रहा है जो कि पूर्णतः वास्तविक उदगम स्थल और खोडरी सहित इस स्थान से जुड़े अनेक ग्रामों के लोगों की जनभावनाओं और आस्था को आहत कर रहा है। अरपा उद्गम समिति खोडरी के सदस्यों ने अपने ज्ञापन में बताया है कि अरपा मूलतः खोडरी से निकली है इस उदगम स्थल की पौराणिक मान्यता भी है यहां प्रतिवर्ष दूर दूर से कांवरिये आकर यहाँ से जल लेकर अमरकंटक जाकर ज्वालेश्वर में जल अर्पित करते हैं। इस उदगम स्थल में प्रतिवर्ष महाशिवरात्रि में मेला भी भरता है उदगम स्थल के नजदीक ही प्राचीन शिव मंदिर भी स्थित है जो हमारी इस पौराणिक मान्यता को पुष्ट करता है कि नदी के उदगम के पास मंदिर भी होता है। इतना ही नहीं यहाँ का प्राकृतिक वातावरण स्वयं अरपा नदी के उदगम का प्रमाण देता है और इस उदगम क्षेत्र में पूरे वर्ष पानी रहता है जी भीषण गर्मी में भी बना रहता है। अरपा उद्म समिति खोडरी के सदस्यों ने अपना आक्रोश जाहिरकरते हुए कहा कि एक ओर शासन प्रशासन अपने व्यय से पेण्डा में अरपा महोत्सव का आयोजन करता है जबकि वास्तविक उदगम स्थल खोडरी में प्रतिवर्ष 8,9 एवं 10 फरवरी को अरपा महोत्सव मेला का आयोजन यहां स्थानीय जन समुदाय द्वारा स्वयं के व्यय से किया जाता है जिसमें बड़ी संख्या में आस पास के गांव के लोग शामिल होते हैं जो इस उदगम स्थल के साथ आमजनता की जुड़ी हुई आस्था का परिचायक है। अरपा उदम समिति के सदस्यों ने कहा कि नवीन जिला गठित होने के बाद से इस जिले में पदस्थ सभी कलेक्टरों ने इस उद्गम स्थल को देखा और इसके विकास की बात तो जरूर की लेकिन किसी ने भी पहल नहीं की इतना ही नहीं इस स्थल पर वर्तमान विधायक अटल श्रीवास्तव मरवाही विधायक प्रणव मर्पच्ची, अरुण चौहान पूर्व अध्यक्ष जिला पंचायत, बिलासपुर सहित पूर्व में अनेक वर्षों से सभी दलों के जनप्रतिनिधि यहां प्रतिवर्ष होने वाले अरपा महोत्सव कार्यक्रम में शिरकत भी करते हैं सभी इस स्थान की महत्ता को जानते हैं किंतु इसे लेकर मुखर होकर कोई भी कुछ कहने से बचते है समिति के सदस्यों ने कहा की कुछ लोगों के बहकावे में आकर शासन प्रशासन भ्रमित है अरपा उद्रम को लेकर गठित सर्वे टीम भी पेंड्रा ही आई और दो बार से मूल उद्गम स्थान खोडरी केनिवासी उनके आने का यहां इंतजार करते रहे किंतु सर्वे वाले यहां नहीं आए इससे जाहिर होता है कि कुछ लोगों द्वारा इस सर्वे टीम के सदस्यों को भी अंधेरे में रखकर खेत की भूमि को अरपा के उद्गम बताने का प्रयास किया जा रहा है जिससे मूल उद्गम स्थान खोडरी के संरक्षण के लिए गठित अरपा उद्म समिति के सदस्यों सहित ग्रामवासियों में भारी आक्रोश व्याप्त और वे अपने क्षेत्र से जुड़े इस अस्मिता के प्रश्न को लेकर अब सड़क पर उतरकर संघर्ष करने के लिए भी विचार कर रहे हैं।अरपा उद्गम समिति खोडरी के सदस्यों ने वित्त मंत्री ओपी चौधरी से निवेदन किया है कि माननीय उच्च न्यायालय छ.ग. में लंबित वाद का निर्णय हुये बिना अरपा उद्गम स्थल संरक्षण हेतु जारी राशि पर तत्काल रोक लगायी जाये, ताकि माननीय उच्च न्यायालय की भी अवमानना न हो। ज्ञापन की प्रतिलिपी मुख्यमंत्री, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री छ.ग. शासन एवं रजिस्ट्रार उच्च न्यायालय, बिलासपुर को भी प्रेषित की गयी हैज्ञापन सौपने वालों में अरपा उदगम समिति, खोडरी के अवधेश कुमार गुर्जर, नलिनेश जैन, विष्णु चौरसिया, रशीद खान, शिव सवेरे, दिलीप पनरिया, जमील खान, उर्मिला गोड़, राज जैन सहित अनेक ग्रामवासी शामिल थे।
