रायपुर (वनांचल न्यूज़)। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने छत्तीसगढ़ लोक सेवा परीक्षा भर्ती घोटाले मामले में 13 आरोपियों के खिलाफ चार सौ पन्नों का चालान दायर किया। फिलहाल, इस मामले में 12 आरोपी जेल में बंद हैं जबकि उत्कर्ष चंद्राकर नामक एक आरोपी फरार है, जिसकी भूमिका परीक्षा में गड़बड़ी करने में मानी जाती है।दूसरी ओर जेल में बंद आरोपियों में तत्कालीन चेयरमैन टामन सिंह सोनवानी, आरती वासनिक, उद्योगपति बजरंग पावर एंड इस्पात के तत्कालीन निदेशक श्रवण कुमार गोयल, पीएसपी में चयनित उनके बेटे शशांक गोयल, बहू भूमिका कटियार, साहिल सोनवानी भी शामिल हैं।00 18 चयनित नामों को लेकर गड़बड़ी के आरोपउद्योगपति गोयल के पुत्र शशांक गोयल और बहू भूमिका कटियार डिप्टी कलेक्टर चुने गए थे। कोर्ट में कुल 18 चयनित नामों को लेकर गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए याचिका दायर हुई थी। इसके बाद जांच के आदेश दिए गए। प्रदेश में बीजेपी की सरकार बनने के बाद राज्य शासन ने केस को जांच के लिए सीबीआई को सौंपा था।00 तत्कालीन चेयरमैन सोनवानी के पांच रिश्तेदारों का चयनइस केस में साल 2021 में 171 पदों पर भर्ती के लिए सीजीपीएसपी की ओर से परीक्षा का आयोजन किया गया। 13 फरवरी 2022 को प्री -एग्जाम कराया गया, जिसमें 2 हजार 565 उम्मीदवार उत्तीर्ण हुए थे। इसके बाद मेंस परीक्षा में 509 पास हुए। मई 2023 में इंटरव्यू के बाद 170 अभ्यर्थियों की सिलेक्शन लिस्ट जारी की गई थी। आरोप है कि इसमें तत्कालीन चेयरमैन सोनवानी के पांच रिश्तेदार बेटे नीतेश और बहू निशा कोसले का डिप्टी कलेक्टर, भाई की बहू दीपा अगजले का जिला आबकारी अधिकारी, बहन की बेटी सुनीता जोशी का श्रम अधिकारी एवं बड़े भाई के बेटे साहिल सोनवानी का चयन डीएसपी के पद पर हुआ था।

