नई दिल्ली (वनांचल न्यूज)| दिल्ली के तालकटोरा इंडोर स्टेडियम में आयोजित 8th North East Students’ Festival (NES.t Fest 2025) एक भव्य और ऐतिहासिक आयोजन के रूप में सम्पन्न हुआ। माई होम इंडिया द्वारा आयोजित इस उत्सव का उद्देश्य भारत के पूर्वोत्तर की संस्कृति, संगीत और परंपराओं का जश्न मनाते हुए राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक समरसता को बढ़ावा देना रहा। इस वर्ष उत्सव की थीम थी – “संस्कृति से जलवायु तक: युवा जनादेश”।इस अवसर पर भाजपा छत्तीसगढ़ प्रदेश उपाध्यक्ष एवं घर वापसी प्रमुख प्रबल प्रताप सिंह जूदेव को समाज एवं राष्ट्र निर्माण में उनके उल्लेखनीय योगदान, विशेषकर घर वापसी अभियान के कार्यों के लिए विशेष सम्मान से अलंकृत किया गया।सम्मान समारोह में मिजोरम के राज्यपाल एवं पूर्व सेना प्रमुख जनरल वी.के. सिंह, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और भाजपा के वरिष्ठ नेता सुनील देवधर की गरिमामयी उपस्थिति रही। देशभर से आए केंद्रीय मंत्रियों, राजनीतिज्ञों, समाजसेवियों, शिक्षाविदों, व्यवसायियों और मीडिया जगत के प्रतिनिधियों ने भी इस ऐतिहासिक अवसर की शोभा बढ़ाई।सम्मान प्राप्त करने के उपरांत प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने कहा:“यह सम्मान केवल मेरा व्यक्तिगत नहीं है, बल्कि उन सभी कार्यकर्ताओं और जनजातीय भाइयों-बहनों का है जो घर वापसी के इस पावन अभियान में मेरे साथ खड़े हैं। यह सम्मान वास्तव में जनजातीय समाज की अपनी जड़ों की ओर लौटने की आस्था और घर वापसी आंदोलन के प्रति विश्वास का प्रतीक है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उत्तर-पूर्व आज नई ऊर्जा, विश्वास और विकास का प्रतीक बन चुका है। यह सम्मान मुझे और अधिक संकल्पित करता है कि मैं अपने जीवन को राष्ट्र, धर्म और समाज की सेवा में समर्पित करूँ।”गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्वोत्तर भारत के आठ राज्यों को “अष्ट लक्ष्मी” कहा है। असम, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, त्रिपुरा और सिक्किम को यह उपाधि उनकी सांस्कृतिक, सामाजिक और आर्थिक विविधता एवं भारत की समृद्ध धरोहर में उनके योगदान के प्रतीक स्वरूप दी गई है।माई होम इंडिया का यह 8वां सम्मेलन रहा, जिसने उत्तर-पूर्व के युवाओं के सशक्तिकरण और मुख्यधारा से जुड़ाव के लिए अभूतपूर्व कार्य किए हैं। इस भव्य समारोह में देशभर से आए छात्र-छात्राओं ने मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के जरिए भारत की एकता, विविधता और अखंडता की झलक प्रस्तुत की।

