00 छत्तीसगढ़ सरकार के आश्वासन के बाद तहसीलदार नायब तहसीलदार ने हड़ताल स्थगित कर दी है, कार्रवाई के लिए सरकार को 15 दिन का समय दिया
रायपुर (वनांचल न्यूज़) । सरगुजा के राजापुर में नायब तहसीलदार तुषार मानिक के साथ मारपीट और शासकीय कार्य में बाधा के मामले को लेकर चल रहा प्रशासनिक विरोध फिलहाल थम गया है। शासन स्तर पर हुई सकारात्मक चर्चा, आरोपियों के खिलाफ एफआईआर और वैधानिक कार्रवाई शुरू होने के बाद छत्तीसगढ़ कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ ने सामूहिक अवकाश कार्यक्रम स्थगित करने का फैसला लिया है। संघ ने स्पष्ट किया है कि 4 जून से प्रदेशभर के तहसीलदार, नायब तहसीलदार और कार्यपालिक मजिस्ट्रेट नियमित कार्य पर लौटेंगे, हालांकि शेष आरोपियों पर कार्रवाई और लंबित मांगों के समाधान के लिए सरकार को 15 दिन का समय दिया गया है।
00 राजापुर घटना से भड़का था प्रशासनिक अमला
उप तहसील राजापुर, तहसील मैनपाट, जिला सरगुजा में पदस्थ नायब तहसीलदार एवं कार्यपालिक मजिस्ट्रेट तुषार मानिक के साथ शासकीय कर्तव्यों के निर्वहन के दौरान मारपीट, अभद्रता और सरकारी कार्य में बाधा की घटना के विरोध में प्रदेशभर के राजस्व अधिकारियों ने आंदोलन शुरू किया था। इस घटना को प्रशासनिक गरिमा और अधिकारी सुरक्षा पर गंभीर हमला बताया गया था।
00 मंत्री और सचिव से हुई महत्वपूर्ण चर्चा
संघ के प्रतिनिधिमंडल ने 1 जून को राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री और विभागीय सचिव के साथ विस्तृत बैठक की। बैठक में केवल राजापुर प्रकरण में दोषियों की गिरफ्तारी ही नहीं, बल्कि अधिकारियों की सुरक्षा, संसाधनों की उपलब्धता, स्टाफ की कमी, वाहन सुविधा, न्यायालयीन कार्यों के लिए आधारभूत ढांचे और अन्य लंबित प्रशासनिक मांगों को भी प्रमुखता से उठाया गया। संघ के अनुसार शासन ने सभी मांगों पर गंभीरता से विचार कर चरणबद्ध समाधान का आश्वासन दिया है।
00 राजापुर मामले में एफआईआर, दो नामजद आरोपियों पर कार्रवाई
संघ ने बताया कि 3 जून को थाना सीतापुर द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार नायब तहसीलदार तुषार मानिक की शिकायत पर अपराध क्रमांक 190/2026 दर्ज किया गया है. प्रकरण में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 221, 121(1), 132 और 191(2) के तहत मामला पंजीबद्ध किया गया है। पुलिस के समक्ष नामजद आरोपी नाजिम राजा और पंकज गुप्ता की उपस्थिति दर्ज हुई है, उनके विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि मामले की विवेचना जारी है।
00 संघ ने कार्रवाई का स्वागत किया, बाकी आरोपियों पर भी कार्रवाई की मांग
कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ ने इसे मामले में प्रारंभिक लेकिन सकारात्मक प्रगति बताया है। संघ ने उम्मीद जताई है कि शेष आरोपियों के खिलाफ भी जल्द निष्पक्ष और प्रभावी कार्रवाई होगी, जिससे प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों का कानून व्यवस्था पर विश्वास और मजबूत होगा।
00 4 जून से सामान्य होंगे राजस्व और प्रशासनिक कामकाज
शासन द्वारा दिए गए आश्वासन और प्रारंभिक कार्रवाई को देखते हुए संघ ने प्रस्तावित सामूहिक अवकाश कार्यक्रम फिलहाल स्थगित कर दिया है। इसके तहत 4 जून से प्रदेश के सभी तहसीलदार, नायब तहसीलदार और कार्यपालिक मजिस्ट्रेट अपने नियमित शासकीय दायित्वों का निर्वहन करेंगे। राजस्व, न्यायालयीन, निर्वाचन, जनगणना और अन्य प्रशासनिक कार्य सामान्य रूप से संचालित होंगे।
00 15 दिन का अल्टीमेटम, नहीं हुई कार्रवाई तो फिर होगा फैसला
संघ ने साफ कर दिया है कि शासन के आश्वासन के अनुरूप अगले 15 दिनों के भीतर शेष आरोपियों के खिलाफ अपेक्षित वैधानिक कार्रवाई और अधिकारियों की लंबित मांगों पर ठोस प्रगति दिखनी चाहिए। यदि निर्धारित अवधि में संतोषजनक कार्रवाई नहीं होती है तो संघ परिस्थितियों की समीक्षा कर आगे की रणनीति और आंदोलन पर पुनः निर्णय लेगा।
00 कई कर्मचारी संगठनों ने दिया समर्थन
संघ ने इस आंदोलन के दौरान मिले समर्थन के लिए छत्तीसगढ़ राज्य प्रशासनिक सेवा संघ, राजस्व निरीक्षक संघ, पटवारी संघ, राजस्व लिपिकीय संघ, लिपिक वर्गीय कर्मचारी संघ, छात्रावास अधीक्षक संघ और विभिन्न अधिकारी-कर्मचारी संगठनों का आभार व्यक्त किया है.संघ ने मीडिया और सामाजिक संगठनों को भी धन्यवाद दिया, जिन्होंने प्रशासनिक गरिमा और अधिकारियों की सुरक्षा के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया।
00 अधिकारी सुरक्षा और सम्मान पर स्थायी समाधान की मांग
संघ का कहना है कि प्रशासनिक अधिकारियों का मूल दायित्व जनता को समयबद्ध और प्रभावी सेवाएं उपलब्ध कराना है। इसके लिए आवश्यक है कि अधिकारियों को सुरक्षा, सम्मान और पर्याप्त संसाधन उपलब्ध हों। संघ ने विश्वास जताया है कि शासन इस मामले की गंभीरता को देखते हुए न केवल राजापुर प्रकरण में शेष कार्रवाई पूरी करेगा, बल्कि अधिकारी सुरक्षा और प्रशासनिक संसाधनों से जुड़े मुद्दों का भी स्थायी समाधान निकालेगा।
राजापुर कांड के बाद प्रदेशभर में उभरे प्रशासनिक असंतोष को फिलहाल सरकार के आश्वासन और पुलिस कार्रवाई ने शांत कर दिया है। हालांकि संघ ने स्पष्ट संकेत दे दिए हैं कि आने वाले 15 दिन सरकार के लिए परीक्षा की घड़ी होंगे। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि शेष आरोपियों पर कार्रवाई और अधिकारियों की मांगों पर सरकार कितनी तेजी से अमल करती है।
