रायपुर (वनांचल न्यूज)। छत्तीसगढ़ में पहली बार अंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट मुकाबले का आयोजन होने जा रहा है। भारत और जिम्बाब्वे की महिला क्रिकेट टीमों के बीच होने वाले टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच को लेकर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रसन्नता व्यक्त की है। उन्होंने इसे प्रदेश के खेल इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा कि यह आयोजन छत्तीसगढ़ की बेटियों और युवा महिला खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का बड़ा अवसर बनेगा। मुकाबले में महिला दर्शकों को स्टेडियम में निःशुल्क प्रवेश दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री साय से आज महानदी मंत्रालय भवन में छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ के पदाधिकारियों ने सौजन्य मुलाकात की। इस दौरान संघ के पदाधिकारियों ने उन्हें भारत-जिम्बाब्वे महिला टी-20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री ने आमंत्रण स्वीकार करते हुए आयोजन के लिए क्रिकेट संघ को बधाई और शुभकामनाएं दीं।
00 महिला दर्शकों के लिए निःशुल्क प्रवेश
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इस ऐतिहासिक मुकाबले में महिलाओं और बालिकाओं की अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित होनी चाहिए। उन्होंने महिला दर्शकों के लिए निःशुल्क प्रवेश का सुझाव दिया। मुख्यमंत्री के इस सुझाव पर छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ के डायरेक्टर विजय शाह ने महिला दर्शकों के लिए निःशुल्क प्रवेश की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर की महिला क्रिकेट खिलाड़ियों को मैदान पर खेलते देखना प्रदेश की युवा प्रतिभाओं के लिए प्रेरणादायी होगा। इससे बालिकाओं में खेलों के प्रति रुचि बढ़ेगी और उन्हें क्रिकेट सहित अन्य खेलों को करियर के रूप में अपनाने की प्रेरणा मिलेगी।
00 खेलों में बेटियों की भागीदारी को मिलेगा प्रोत्साहन
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि देश की बेटियां राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन कर रही हैं। खेलों में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी गर्व का विषय है। ऐसे आयोजन बालिकाओं को अपनी प्रतिभा पहचानने और बड़े लक्ष्य निर्धारित करने के लिए प्रोत्साहित करते हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि भारत-जिम्बाब्वे महिला क्रिकेट मुकाबले से छत्तीसगढ़ में महिला क्रिकेट की लोकप्रियता को नई दिशा मिलेगी।
00 प्रदेश में मजबूत खेल संस्कृति विकसित करने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में खेलों के अनुकूल वातावरण तैयार करने और प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। लक्ष्य केवल अच्छे खिलाड़ी तैयार करना नहीं, बल्कि ऐसी खेल संस्कृति विकसित करना है, जिसमें बच्चों और युवाओं को परिवार तथा समाज से भी प्रोत्साहन मिले। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की मेजबानी इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के गांवों, कस्बों, आदिवासी क्षेत्रों और दूरस्थ अंचलों में खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं है। इन प्रतिभाओं को बेहतर खेल अधोसंरचना, प्रशिक्षण और पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराना जरूरी है। बड़े खेल आयोजनों से स्थानीय खिलाड़ियों को उत्कृष्ट खिलाड़ियों के प्रदर्शन को करीब से देखने और उनसे प्रेरणा लेने का अवसर मिलता है।
00 छत्तीसगढ़ को खेलों के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने का प्रयास
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों की मेजबानी के लिए अपनी क्षमताओं का विस्तार कर रहा है। बेहतर खेल सुविधाएं और युवाओं में खेलों के प्रति बढ़ता उत्साह प्रदेश को खेल जगत में नई पहचान दिलाने में सहायक होंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि भारत और जिम्बाब्वे के बीच होने वाला यह मुकाबला प्रदेश में महिला क्रिकेट को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण साबित होगा।
मुख्यमंत्री ने दोनों टीमों को शुभकामनाएं देते हुए प्रदेशवासियों और खेलप्रेमियों से इस ऐतिहासिक मुकाबले को उत्सव की तरह मनाने तथा खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि खेल अनुशासन, टीम भावना और आपसी सद्भाव को बढ़ावा देने का प्रभावी माध्यम हैं।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ के अध्यक्ष मोहन दास, डायरेक्टर विजय शाह, पूर्व अध्यक्ष मुकुल तिवारी, सचिव विंटेश अग्रवाल, जी. एस. मूर्ति, विनय बजाज सहित संघ के अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।
