रायपुर (वनांचल न्यूज़)। उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने नया रायपुर स्थित संवाद ऑडिटोरियम में गृह एवं जेल विभाग की उपलब्धियों पर पत्रकारों से चर्चा की। उन्होंने बताया कि नए आपराधिक कानूनों के तहत आईसीजेएस के माध्यम से पुलिस, अभियोजन, फॉरेंसिक, जेल और न्यायालय को एकीकृत करने में छत्तीसगढ़ अग्रणी है। दुर्ग और बिलासपुर पायलट मॉडल जिले बने हैं। ई-साक्ष्य, ऑनलाइन एफआईआर, ई-समन और सीसीटीएनएस से जांच प्रक्रिया तेज हुई है।पुलिस कर्मियों के लिए 8 बैंकों के साथ एमओयू कर बिना प्रीमियम सैलरी अकाउंट पर बीमा सुविधा दी जा रही है। अब तक 15 शहीदों के परिजनों को 16 करोड़ रुपए से अधिक सहायता प्रदान की गई है। शिकायतों के त्वरित निराकरण हेतु ऑनलाइन कम्प्लेंट मैनेजमेंट पोर्टल शुरू किया गया है।अवैध प्रवासियों के खिलाफ विशेष टास्क फोर्स गठित कर 34 लोगों को निष्कासित किया गया। गौवंश वध, नशे के कारोबार और साइबर अपराध के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की गई है। 255 अवैध ऑनलाइन गैम्बलिंग लिंक बंद किए गए तथा कई साइबर थाने प्रारंभ किए गए।नक्सलवाद के खात्मे के लिए 31 मार्च 2026 की समय-सीमा के साथ सरकार प्रतिबद्ध है। बड़ी संख्या में माओवादी पुनर्वास की मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं। दो पंचायतों ने स्वयं को नक्सल मुक्त घोषित किया है।जेल सुधार के तहत रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर और अंबिकापुर की केंद्रीय जेलों को आईएसओ प्रमाणन मिला है। रायपुर केंद्रीय जेल में ‘उमंग-तरंग’ रेडियो स्टेशन तथा बंदियों के कौशल विकास हेतु विभिन्न उद्योग संचालित किए जा रहे हैं।इस अवसर पर एसीएस गृह मनोज पिंगुआ, डीजी जेल हिमांशु गुप्ता, सचिव हिमशिखर गुप्ता, एडीजी अमित कुमार, एडीजी एसआरपी कल्लूरी, एडीजी विवेकानंद, एडीजी प्रदीप गुप्ता, आईजी श्री ध्रुव गुप्ता उपस्थित रहे।

