जनहित में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कलेक्टर्स कॉन्फ्रेंस में दिए सख्त निर्देश, बोले -“योजनाओं के परिणाम “रिपोर्ट में नहीं, ज़मीन पर” दिखने चाहिए”

रायपुर (वनांचल न्यूज) |छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रविवार को मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित कलेक्टर्स कॉन्फ्रेंस 2025 में प्रशासन को स्पष्ट संदेश दिया कि जनहित में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का वास्तविक लाभ जनता तक समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पहुँचे — यही सुशासन का असली पैमाना है।बैठक में मुख्य सचिव विकास शील, सभी विभागीय सचिव, संभागायुक्त और जिले के कलेक्टर मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने बैठक की शुरुआत निर्धारित समय से पहले की, जिससे पूरे प्रशासनिक तंत्र को अनुशासन और परिणाममुखी कार्यशैली का संकेत मिला।मुख्यमंत्री का सख्त संदेश: “रिपोर्ट नहीं, परिणाम चाहिए”मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह कॉन्फ्रेंस केवल समीक्षा का मंच नहीं, बल्कि जनहित प्रशासन के नए मानक तय करने का अवसर है। उन्होंने चेतावनी दी कि योजनाओं के क्रियान्वयन में यदि परिणाम ज़मीन पर नहीं दिखे, तो जवाबदेही तय होगी।उन्होंने कहा — “जनता के बीच आपकी उपस्थिति और संवेदनशीलता ही आपकी पहचान है। रिपोर्टों में नहीं, जनता के अनुभव में योजनाओं का असर दिखना चाहिए।”

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि और सोलर योजना की समीक्षा

साय ने निर्देश दिए कि कोई भी पात्र किसान प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि से वंचित न रहे। बस्तर और सरगुजा संभाग में योजना की प्रगति की नियमित समीक्षा के निर्देश दिए गए।ऊर्जा विभाग की समीक्षा में उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का लाभ अधिकतम ग्रामीण परिवारों तक पहुँचे। ग्रामीण हितग्राहियों को बैंक फाइनेंस की सुविधा आसान बनाई जाए।

स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष फोकस

मलेरिया और मातृ-शिशु स्वास्थ्य प्राथमिकता परमुख्यमंत्री ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता हैं।उन्होंने निर्देश दिए कि —सभी अस्पतालों में 100% संस्थागत प्रसव सुनिश्चित हो।टीकाकरण की वास्तविक स्थिति की फील्ड वेरिफिकेशन की जाए।मेटरनल डेथ ऑडिट अनिवार्य रूप से किया जाए।एनआरसी केंद्रों को नियमित रूप से संचालित किया जाए।उन्होंने बस्तर संभाग में मलेरिया उन्मूलन के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। हॉटस्पॉट क्षेत्रों की पहचान कर “मलेरिया मुक्त छत्तीसगढ़” के लक्ष्य की दिशा में तेज़ी लाने को कहा।साथ ही प्रधानमंत्री वय वंदना योजना के तहत सभी पात्र वरिष्ठ नागरिकों का पंजीयन और कार्ड निर्माण प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश दिए।

शिक्षा में सुधार पर मुख्यमंत्री के विशेष निर्देश

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य में ड्रॉपआउट शून्य और सकल नामांकन अनुपात 100% करने का लक्ष्य हर हाल में पूरा होना चाहिए।उन्होंने कहा कि —शिक्षण सामग्री अलमारी में नहीं, कक्षा में दिखनी चाहिए।शिक्षण संसाधनों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए।बीजापुर जिले के गोंडी भाषा आधारित नवाचार की प्रशंसा करते हुए अन्य जिलों को ऐसे स्थानीय नवाचार अपनाने की सलाह दी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *