वर्ष 2025 की अंतिम नेशनल लोक अदालत में 10 लाख से अधिक प्रकरणों का निराकरण

रायपुर (वनांचल न्यूज़)। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा), नई दिल्ली के निर्देशानुसार वर्ष 2025 की अंतिम नेशनल लोक अदालत का आयोजन शनिवार को जिला न्यायालय रायपुर सहित छत्तीसगढ़ राज्य के तालुका स्तर से लेकर उच्च न्यायालय स्तर तक किया गया। इस दौरान कुल 10,09,418 प्रकरणों का आपसी सुलह-समझौते के माध्यम से सफलतापूर्वक निराकरण किया गया।यह आयोजन माननीय न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा, मुख्य न्यायाधीश छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय एवं मुख्य संरक्षक, छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के मार्गदर्शन तथा माननीय न्यायमूर्ति संजय के. अग्रवाल, न्यायाधीश छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय एवं कार्यपालक अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार संपन्न हुआ। लोक अदालत का आयोजन भौतिक एवं वर्चुअल (हाइब्रिड) दोनों माध्यमों से किया गया, जिसमें पक्षकारों की उपस्थिति सुनिश्चित की गई।जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रायपुर के अध्यक्ष एवं प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश बलराम प्रसाद वर्मा, प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय सुधीर कुमार, जिला एवं सत्र न्यायाधीशगण तथा स्थायी लोक अदालत के सभापति ऋषि कुमार बर्मन द्वारा दीप प्रज्ज्वलन कर नेशनल लोक अदालत का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर न्यायाधीशगण, अधिवक्तागण, पक्षकार, बैंक अधिकारी, राजस्व एवं नगर निगम अधिकारी, न्यायालयीन कर्मचारी, पैरालीगल वालंटियर तथा विधि एवं स्कूल के छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश बलराम प्रसाद वर्मा ने कहा कि नालसा एवं सालसा के तत्वावधान में आयोजित नेशनल लोक अदालत के माध्यम से आम जनता को सरल, सुलभ और त्वरित न्याय उपलब्ध कराया जा रहा है। लोक अदालत में पारिवारिक, दांडिक, सिविल, राजस्व, पेंशन, जनोपयोगी सेवाओं से जुड़े मामलों के साथ-साथ प्री-लिटिगेशन प्रकरणों का भी निराकरण किया गया।नेशनल लोक अदालत के प्रचार-प्रसार के लिए ट्रैफिक लाउडस्पीकर, रेलवे स्टेशन के अनाउंसमेंट सिस्टम, पैरालीगल वालंटियरों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में कोटवारों के माध्यम से व्यापक प्रचार किया गया। साथ ही पक्षकारों को तालुका विधिक सेवा समितियों से संपर्क कर अपने प्रकरणों की जानकारी लेने हेतु प्रेरित किया गया।इस अवसर पर समाज कल्याण विभाग के सहयोग से 4 श्रवण यंत्रों का वितरण किया गया तथा श्रम विभाग के सहयोग से असंगठित क्षेत्र के कामगारों को नालसा की योजना के अंतर्गत श्रमिक कार्ड वितरित किए गए। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वारा विभिन्न बैंकों एवं विभागों के स्टॉलों का निरीक्षण कर अधिक से अधिक प्रकरणों के निराकरण के निर्देश दिए गए।जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रायपुर एवं गुरुद्वारा धन-धन बाबा साहिब जी, तेलीबांधा के संयुक्त तत्वावधान में दूर-दराज से आए पक्षकारों के लिए निःशुल्क भोजन की व्यवस्था भी की गई, जिससे पक्षकारों में संतोष देखने को मिला।मोहल्ला लोक अदालत के अंतर्गत स्थायी लोक अदालत के सभापति एवं अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ऋषि कुमार बर्मन द्वारा मौके पर पहुंचकर जनोपयोगी सेवाओं से संबंधित 11,839 प्रकरणों का त्वरित निराकरण किया गया, जिसका मोहल्लेवासियों ने स्वागत किया।प्रकरणों का विवरण इस प्रकार रहा :- राजस्व न्यायालय: 8,12,991 प्रकरण, कुटुंब न्यायालय: 99 प्रकरण, न्यायालय में लंबित प्रकरण: 32,944 प्रकरण, प्री-लिटिगेशन एवं नगर निगम प्रकरण: 90,413 प्रकरण,जनोपयोगी सेवाओं से संबंधित प्रकरण: 589 प्रकरण, मोहल्ला लोक अदालत: 11,839 प्रकरण, कॉमर्शियल कोर्ट: 04 प्रकरण । नेशनल लोक अदालत के माध्यम से पक्षकारों को कुल 63 करोड़ 47 लाख 46 हजार 991 रुपये की राशि प्राप्त हुई। यह आयोजन “न्याय तुहर द्वार” योजना के अंतर्गत किया गया, जिसे जनता से व्यापक सराहना मिली।

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