डॉ. वर्णिका शर्मा के नेतृत्व में बच्चों को मिला संवाद और अधिकारों का सशक्त मंच
रायपुर (वनांचल न्यूज़)। छत्तीसगढ़ में वर्ष 2026 की शुरुआत बच्चों के अधिकारों और उनके भविष्य को केंद्र में रखते हुए एक सराहनीय पहल बाल चौपाल के साथ हुई। छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा के मार्गदर्शन में 02 जनवरी 2026 को ग्राम पंचायत लखोली, विकासखंड आरंग में बाल चौपाल का आयोजन किया गया।कार्यक्रम की विशेषता यह रही कि बाल चौपाल पेड़ की छांव में खुले वातावरण में आयोजित की गई, जहां बच्चों ने बिना किसी डर और संकोच के अपनी बातें रखीं। प्रकृति के सान्निध्य में आयोजित यह आयोजन बच्चों से संवाद, उनके संरक्षण और उज्ज्वल भविष्य का प्रतीक बना।बाल चौपाल में बच्चों को एक सुरक्षित, सहज और बाल-मैत्रीपूर्ण मंच प्रदान किया गया। डॉ. वर्णिका शर्मा ने बच्चों के बीच बैठकर उनसे सीधा संवाद किया और उनके प्रश्नों का उत्तर सरल एवं सहज भाषा में दिया।इस दौरान बच्चों ने शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा, पारिवारिक व्यवहार, पढ़ाई का दबाव, मोबाइल व इंटरनेट का संतुलित उपयोग, करियर और भविष्य की चिंताओं सहित कई विषयों पर अपने विचार साझा किए।

बच्चों की सक्रिय भागीदारी के लिए रचनात्मक और ज्ञानवर्धक गतिविधियां भी आयोजित की गईं।डॉ. वर्णिका शर्मा ने कहा कि पेड़ की छांव में बच्चों से संवाद करना यह दर्शाता है कि बच्चों का भविष्य भी प्रकृति की तरह सुरक्षित और मजबूत होना चाहिए। उन्होंने कहा कि बच्चों के अधिकारों का संरक्षण केवल नियमों से नहीं, बल्कि संवाद और विश्वास से संभव है।उन्होंने यह भी कहा कि बाल चौपाल जैसे मंच बच्चों को यह भरोसा देते हैं कि उनकी बात सुनी जाती है और समाज उनके भविष्य को लेकर गंभीर है। इस आयोजन के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि बच्चे केवल भविष्य के नागरिक नहीं, बल्कि आज के सजग और समझदार नागरिक हैं।छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा आयोजित यह बाल चौपाल बच्चों के अधिकारों के संरक्षण और उनके उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक प्रेरणादायी पहल के रूप में सामने आई है।
