रायपुर (वनांचल न्यूज़)। शिक्षक केवल अध्याय नहीं पढ़ाते, वे भविष्य गढ़ते हैं। एक शिक्षक के लिए सबसे बड़ा सम्मान कोई पुरस्कार नहीं, बल्कि वह पल होता है जब उसका विद्यार्थी सफलता की ऊँचाइयों पर पहुँचकर कहता है – मेरी सफलता में मेरे शिक्षक का भी योगदान है।शिक्षक विद्यार्थियों को केवल पुस्तकों का ज्ञान नहीं देते, बल्कि उनमें आत्मविश्वास, सही सोच और आगे बढ़ने का साहस पैदा करते हैं। इसी भावना के साथ शिक्षा के क्षेत्र में जयप्रकाश उपाध्याय एवं प्रकृति शर्मा अपना योगदान दे रहे हैं।कॉमर्स जैसे विषय को सरल और जीवन से जोड़ते हुए उनका प्रयास है कि विद्यार्थी केवल अच्छे अंक प्राप्त न करें, बल्कि अच्छे इंसान और जिम्मेदार नागरिक भी बनें। उनकी कक्षा में केवल व्यापार और अर्थशास्त्र के सिद्धांत ही नहीं, बल्कि जीवन प्रबंधन के सूत्र भी सिखाए जाते हैं। उनका मानना है कि एक शिक्षक की असली सफलता उसके पढ़ाए हुए अध्यायों में नहीं, बल्कि उसके विद्यार्थियों की सफलता में दिखाई देती है।किताबें ज्ञान देती हैं, लेकिन शिक्षक उस ज्ञान को सही दिशा देकर जीवन बदल देते हैं। शिक्षक दिवस के अवसर पर ऐसे सभी गुरुओं को सादर नमन, जो राष्ट्र का भविष्य गढ़ रहे हैं।

लेखक: जयप्रकाश उपाध्याय एवं प्रकृति शर्मा उपाध्याय
