रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर इस समय देश की आंतरिक सुरक्षा का नर्व सेंटर बन चुकी है! 60वीं अखिल भारतीय DGP-IGP कॉन्फ्रेंस के पहले दिन ही इतनी गहन और तीखी चर्चा हुई कि पूरा सिक्योरिटी तंत्र हिल गया। नक्सलवाद का खात्मा, साइबर युद्ध, बॉर्डर पर घुसपैठ के नए खतरे, ड्रोन आतंक तक – हर चुनौती को टेबल पर रखकर उसका काट निकाला जा रहा है।


खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मेगा ब्रेनस्टॉर्मिंग सेशन की तारीफ में जमकर शब्द खर्च किए। अपने X पोस्ट में पीएम ने लिखा –रायपुर में चल रही DGP/IGP कॉन्फ्रेंस के पहले दिन भारत की सुरक्षा व्यवस्था के हर कोने को खंगाला गया। यह आयोजन बेस्ट प्रैक्टिस, इनोवेशन और अनुभव साझा करने का बेमिसाल प्लेटफॉर्म है। देश के बहादुर पुलिस बल को सलाम!

देश के टॉप कॉप्स – सभी राज्यों के DGP, IG, CAPF के चीफ, खुफिया एजेंसियों के प्रमुख और नीति-निर्माता एक ही छत के नीचे जुटे हैं। तीन दिन तक चलने वाले इस युद्ध-स्तरीय मंथन से जो रणनीति निकलेगी, वही आने वाले सालों में भारत की आंतरिक सुरक्षा की नई इबारत लिखेगी। अगले दो दिन और भी विस्फोटक सत्र बाकी हैं – नक्सल फ्री भारत का रोडमैप, AI-संचालित साइबर डिफेंस, कोस्टल सिक्योरिटी का नया कवच और आतंक के नए-नए चेहरों से निपटने की रणनीति।
