सरस्वती शिशु मंदिर टिकरापारा में ‘सप्तशक्ति संगम 2025’ का आयोजन

सशक्त महिला ही सशक्त समाज का निर्माण करती है – डॉ. कविता कुम्भज

रायपुर (वनांचल न्यूज़)। माधव बाल कल्याण समिति द्वारा संचालित सरस्वती शिशु मंदिर, टिकरापारा, रायपुर में शताब्दी वर्ष के अंतर्गत “सप्तशक्ति संगम 2025” के अवसर पर व्याख्यान एवं मातृशक्ति सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. कविता कुम्भज, डायरेक्टर पारस इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन ने की। कार्यक्रम में वक्ता के रूप में श्रीमती वर्षा मिश्रा, रायपुर विभाग बौद्धिक प्रमुख – राष्ट्रीय सेविका समिति, तथा श्रीमती शीला शर्मा, आहार विशेषज्ञ – बालगोपाल चिल्ड्रन हॉस्पिटल उपस्थित रहीं।कार्यक्रम की अध्यक्ष डॉ. कविता कुम्भज ने कहा कि यह कार्यक्रम मातृशक्ति को सशक्त बनाने की दिशा में एक अनूठा प्रयास है। उन्होंने कहा कि सशक्त महिला ही सशक्त समाज के निर्माण की आधारशिला होती है।वक्ता श्रीमती शीला शर्मा ने अपने उद्बोधन में कहा कि कुटुंब प्रबोधन का उद्देश्य परिवार के सदस्यों को साथ बैठकर भोजन करने और पारिवारिक सामंजस्य बढ़ाने के लिए प्रेरित करना है। परिवार में मातृशक्ति की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने कहा कि कुटुंब प्रबोधन एवं पर्यावरण संरक्षण आज की आवश्यकता है, क्योंकि यदि हम पर्यावरण को सुरक्षित रखेंगे तो हमारा परिवार एवं समाज भी सुखी और स्वस्थ रहेगा। आपसी सहयोग और मेल–जोल से ही हम एक सशक्त समाज का निर्माण कर सकते हैं।वक्ता श्रीमती वर्षा मिश्रा ने कहा कि देवी अहिल्याबाई होलकर ने सामाजिक एवं महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया। झांसी की रानी लक्ष्मीबाई ने अंग्रेजों के विरुद्ध वीरतापूर्वक संघर्ष करते हुए देश के लिए अपना बलिदान दिया। उन्होंने बताया कि इंफोसिस की निदेशक द्वारा गरीब महिलाओं को आर्थिक सहायता, बेटियों की शिक्षा तथा उन्हें सशक्त बनाने जैसे महत्वपूर्ण कार्य किए गए। राजनीतिक क्षेत्र में भी महिलाओं का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है – जैसे श्रीमती सरोजिनी नायडू, श्रीमती सुषमा स्वराज, राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू, वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण, तथा श्रीमती सुमित्रा महाजन सहित अनेक महिलाओं ने राष्ट्रनिर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।कार्यक्रम में श्रीमती संध्या शर्मा एवं श्रीमती मनोरमा तिवारी को विशिष्ट नारी शक्ति सम्मान से सम्मानित किया गया।

श्रीमती संध्या शर्मा अपनी बेटी सुश्री सुनंदा शर्मा को काव्य–पाठ के क्षेत्र में आगे बढ़ने हेतु निरंतर प्रोत्साहित करती हैं। वहीं, श्रीमती मनोरमा तिवारी ने अपनी बेटी डॉ. गार्गी पांडे को पीएचडी करने हेतु प्रेरित किया, जो आज विशेष बच्चों के लिए सेवाभाव से कार्य कर रही हैं।महिलाओं के देशहित एवं समाजसेवा में योगदान पर प्रकाश डालने हेतु एक विशेष फोटो प्रदर्शनी भी लगाई गई। इसमें अहिल्याबाई होलकर, सावित्रीबाई फुले, महादेवी वर्मा, लता मंगेशकर, राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू, खिलाड़ी पी.वी. सिंधु, क्रिकेटर हरमनप्रीत कौर, विंग कमांडर व्योमिका सिंह, कर्नल सोफिया कुरैशी सहित अन्य प्रेरणादायी मातृशक्ति की झलकियाँ प्रदर्शित की गईं।कार्यक्रम का मंच संचालन सुश्री सुमन यादव ने किया तथा आभार प्रदर्शन विद्यालय की प्रधानचर्य श्रीमती हेमलता यादव ने किया।इस अवसर पर समाज की मातृशक्ति एवं विद्यालय की आचार्यगण बड़ी संख्या में उपस्थित रहीं।

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