पुनर्वास का पता नहीं, बिजली कटौती रुक नहीं रही, पकानून व्यवस्था ताक पे,ये कैसा सुशासन चल रहा है? :- गोपाल साहू

रायपुर (वनांचल न्यूज़) | आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष गोपाल साहू ने छत्तीसगढ़ में भाजपा सरकार के
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से सवाल करते हुए पूछा है कि “पुनर्वास से पुनर्जीवन” नीति में जो नक्सली सरकार के सामने आत्मसमर्पण कर रहे हैं उनके बेहतर भविष्य के लिए क्या योजनाएं हैं? क्योंकि सलवा जुडूम में जिन्होंने समर्पण किया था उनका सही पुनर्वास आज तक नहीं हुआ और इस सम्बन्ध में सरकार ने आज तक कोई जवाब नहीं दिया है? निश्चित ही नक्सलवाद राज्य से खत्म होना चाहिए और जो नक्सली आत्मसमर्पण कर रहें हैं उनका मुख्यधारा में स्वागत है, लेकिन सरकार को उनके प्रति पारदर्शी नीति, पुनर्वास के प्रति ईमानदारीपूर्ण दृष्टिकोण के साथ सामाजिक और आर्थिक पुनर्निर्माण का प्रयास करना पड़ेगा तभी राज्य से नक्सलवाद मूल रूप से खत्म हो पायेगा। हवा हवाई वादों से काम नहीं चलेगा।

प्रदेश महासचिव (मीडिया,सोशल मीडिया,मुख्य प्रवक्ता) सूरज उपाध्याय ने कहा कि छत्तीसगढ़ जैसे बिजली में सर प्लस राज्य में बिजली की समस्या और गंभीर होते जा रही है, विद्युत कंपनी ने आँखे मुंद ली हैं उन्हें जनता की समस्या से कोई सरोकार नहीं। राज्य के सभी जिलों में हालात और बदतर हो रहें हैं। हल्का तूफान हल्की बारिश में घंटो बिजली बंद रहना, अघोषित बिजली कटौती, कम वोल्टेज जैसी समस्या सरकार के कमजोर प्रबंधन दिखाता है।

प्रदेश मीडिया प्रभारी मिहिर कुर्मी,प्रदेश उपाध्यक्ष नंदन सिंह ने कहा कि प्रदेश में अंधाधुंध जंगल कटाई और वन विभाग की निष्क्रियता से सरगुजा, रायगढ़, कोरबा, सूरजपुर, महासमुंद, धमतरी, गरियाबंद, बालोद और कांकेर जिलों में आम लोगों पर हाथियों के हमले से जान और माल का नुकसान हो रहा है. उन्होंने बताया कि 23 जुलाई 2025 को रायगढ़ ज़िले के लैलूंगा रेंज में हाथियों के हमले में तीन मौतें हुई इससे पहले पास के बकरुमा गाँव में भी एक मौत हुई थी,जो कि चिंताजनक है। पिछले 5 वर्षों में 320 से ज्यादा हाथियों के हमले से मौतें गंभीर है। वन विभाग को रात के अलर्ट, पेट्रोलिंग और रैपिड रिस्पॉन्स टीम पर ध्यान देना चाहिए।

रायपुर लोकसभा अध्यक्ष अज़ीम खान, महासचिव प्रदुमन शर्मा, संगठन मंत्री सागर क्षीरसागर,रायपुर शहर अध्यक्ष पुनारद निषाद, उपाध्यक्ष मिथलेश साहू का कहना है कि राज्य में अराजकता का माहौल है पुनर्वास का पता नहीं है, बिजली कटौती रुक नहीं रही है, अडानी के लिए जंगल काटे जा रहें हैं, जंगली जानवर लोगों की जान ले रहें हैं, शहरों में चाकूबाजी थम नहीं रही, मंत्रियों को शहजादों पर लगाम नहीं, छत्तीसगढ़ में ये कैसा सुशासन चल रहा है |

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