33 दिन की हड़ताल के बाद सरकार का बड़ा निर्णय, 17,500 कर्मचारियों में खुशी
बिलासपुर (वनांचल न्यूज़)। छत्तीसगढ़ प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) कर्मचारी संघ के बैनर तले आयोजित 33 दिनों की अनिश्चितकालीन मैराथन हड़ताल के पश्चात राज्य शासन ने महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए प्रदेश अध्यक्ष सहित 25 पदाधिकारियों की बर्खास्तगी की कार्रवाई को शून्य कर उन्हें बहाल कर दिया है। शासन के इस फैसले से प्रदेशभर के लगभग 17,500 एनएचएम कर्मचारियों एवं उनके परिवारों में हर्ष का माहौल है।एनएचएम कर्मचारियों द्वारा की गई यह हड़ताल राज्य के इतिहास की सबसे लंबी एवं प्रभावी कर्मचारी आंदोलनों में शामिल रही। आंदोलन के दौरान शासन ने कर्मचारियों की 10 मांगों में से 7 मांगों को स्वीकार करने तथा शेष मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने का आश्वासन दिया था। अब तक शासन द्वारा तीन महत्वपूर्ण आदेश जारी किए जा चुके हैं, जिनमें एक माह का सवैतनिक दुर्घटना अथवा गंभीर बीमारी अवकाश, 01 जुलाई 2023 से लंबित 5 प्रतिशत वेतन वृद्धि तथा सी.आर. प्रणाली में पारदर्शिता शामिल है।शेष मांगों में स्थानांतरण नीति तथा 10 लाख रुपये तक कैशलेस उपचार सुविधा के लिए समिति का गठन कर दिया गया है, जिनके आदेश शीघ्र जारी होने की संभावना जताई जा रही है। वहीं ग्रेड पे निर्धारण एवं अनुकम्पा नियुक्ति को तीन माह की समय-सीमा में लागू करने की घोषणा स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल द्वारा की जा चुकी है।संघ द्वारा शासन पर विश्वास जताते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव से भेंट कर हड़ताल स्थगित करने का निर्णय लिया गया था। जिलों में की गई सभी विभागीय कार्यवाहियों को तत्काल शून्य कर दिया गया था, जबकि अब राज्य स्तर पर पदाधिकारियों की बहाली भी सुनिश्चित कर दी गई है।00 संघ पदाधिकारियों ने जताया आभारसंघ के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष श्याम मोहन दुबे ने शासन के निर्णय का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि संघ सरकार के साथ मिलकर प्रदेश को स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में अग्रणी बनाने के लिए कार्य करेगा।बिलासपुर जिलाध्यक्ष राजकुमार यादव ने कहा कि सरकार का निर्णय स्वागत योग्य है और कर्मचारियों को उम्मीद है कि शेष मांगों को भी शीघ्र पूरा किया जाएगा।मीडिया प्रभारी अंशुमान तिवारी ने बताया कि यह निर्णय 16,500 से अधिक कर्मचारी परिवारों के लिए राहत और संतोष लेकर आया है। वहीं जिला उपाध्यक्ष जीवन महंत ने इसे कर्मचारियों के लिए उत्सव जैसा दिन बताया।
